रूह की बात


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Categories : Hindi , New Arrival , Poem

क्यों बेवजह परेशान है,

देख के सब हैरान है।

गलत के ख़िलाफ़ चुप न रह,

बोल ले कि अभी भी,

 बाकी तुझ में जान है।

 

क्यों बेवजह परेशान है,

देख के सब हैरान है।

सफर पे निकल तो सही,

बेशक मंजिल नहीं

अब आसान है।

क्यों बेवजह परेशान है,

देख के सब हैरान है।

जब करें सब नफरत की बात,

तो देना तुझे

अमन का पैगाम है।

क्यों बेवजह परेशान है,

देख के सब हैरान है।

बचा के रख अपनी ज़ात को,

क्योंकि गिरा हुआ तू जिससे वो

इंसान नहीं हैवान है।

क्यों बेवजह परेशान है,

देख के सब हैरान है।

इखतिताम से पहले कुछ

ऐसा कर जा कि सुकून से

देखे जो ऊपर आसमान है।

अब न होना तुझे बेवजह परेशान है,

कि अब क्यों न तू हैरान है।

श्वेता मेहता

1 comment on “रूह की बात

    Rahul

    • July 24, 2020 at 3:42 am

    🔥🔥🔥🔥🔥

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The Indian Reader 2020

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