कवारनटाइन


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Categories : Hindi , Poem

गर्मी गई वर्षा ऋतु आई,
कोरोना का रूप विकराल हुआ,
कोरोना से लड़ने में,
देश हमारा बेहाल हुआ।

क्वारंटाइन की नीति को,
जन अभियान बनाना है,
कोरोना रूपी राक्षस को,
अलग रह के भगाना है ।

राष्ट्र को बचाने हेतु,
क्वारंटाइन जरूरी है,
जब तक वैक्सीन ना आ जाए,
यह अभियान मजबूरी है ।

रुखा सुखा खा लेंगे हम,
लेकिन चैन करो ना का तोड़ेंगे,
जीत हार तो लगा रहता है,
लेकिन लड़ना ना छोड़ेंगे ।

हार मानने की फितरत नहीं हमारी,
युद्ध जो एक बार छेड़ दिया,
जब तक विजय ना हो जाए,
तब तक लडना ना छोड़ा है ।

निश्चय कर आगे बढ़ो तुम,
अभियान 2 गज दूरी का,
इस अभियान को सफल बनाना है,
करोना को देश से भगाना है ।

 

विकाश

1 comment on “कवारनटाइन

    Vikash

    • July 27, 2020 at 9:12 pm

    Beautiful

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The Indian Reader 2020

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