मुस्कान

बुझे अरमानों की जान है मुस्कान
हसीनाओं की हथियार है मुस्कान
मानो ना मानो छोरी कटार है मुस्कान
आशिकों को मारने का तलवार है मुस्कान

हर प्यार की शुरुआत है मुस्कान
दोस्ती या बैर की सार है मुस्कान
चाहो तुम मुस्कान से जीत लो दुनिया
गमों की पर्वत का इलाज है मुस्कान

यह मुस्कान मिलती नहीं बाजार में
मिलती है बस अपनों के प्यार में
ला सकते तो लाओ किसी के जिंदगी में मुस्कान
गा सकते तो गांवो में गीत मुस्कान की

ये मुस्कान इतनी नहीं आसान
वर्षों की तपस्या का इनाम है मुस्कान
हर झगड़े पर भारी पैगाम है मुस्कान
कर देती है जिंदगी आसान ये मुस्कान

हर आंसू पर भारी है मुस्कान
शांति का पैगाम है मुस्कान
दुनिया में चमत्कार है मुस्कान
बिन मुस्कान फिकी है हर शाम

विकाश

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About the author

Vikash

मैं अपने संस्कृति को दुनिया तक पहुंचने के लिए कविता को एक जरिया बना रहा हु जिससे दुनिया के लोग हिंदुस्तान के संस्कृति को अच्छे से समझ सके।

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