मोबाइल फोन

स्मार्टफोन की खूबसूरती,
देखो सब में समाई है,
मानो जैसी नई दुल्हन,
सज सवर घर में आई है।

एक बार आ जाती है,
फिर जलवा अपना दिखाती है,
इन्हें देखने से मन नहीं भरता,
सबको ये भाती है।

व्हाट्सएप, फेसबुक और टिक टॉक ने,
सौंदर्य इनकी बढ़ाई है,
मानो जग की सारी खुशियां,
बस इन में ही समाई है।

एक बार जिसने घर लाया,
साथ बखूबी निभाती है,
पूरी जिंदगी की बात न पूछो,
मरने तक छोड़ न जाती है।

इनके आने के कारण,
हर घर में क्रांति आई है,
काम धंधे को छोड़कर सब ने,
बस इनमें प्रीत लगाई है।

इनकी वफा की बात न पूछो,
वादा दिल से निभाई है,
अपने प्यार के दर्पण में,
मानो सब को उलझाइ है।

विकाश कुमार

 

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Vikash

मैं अपने संस्कृति को दुनिया तक पहुंचने के लिए कविता को एक जरिया बना रहा हु जिससे दुनिया के लोग हिंदुस्तान के संस्कृति को अच्छे से समझ सके।

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