गज़ल

मधुर आंखों की अदा, मीठी शरबत सी मुस्कान, झलक तुम्हारी पाने को, तुम्हें पूजू सुबह शाम। एक...

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बेटी

क्या होती है बेटी जग को बताता हूं बेटी की सेवा का गाथा सुनाता हूं मां-बाप के आंगन की फुल...

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